UP Education: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 71 नए राजकीय महाविद्यालय खोले जाएँगे। पहले इन कॉलेजों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत चलाने की योजना थी, लेकिन अब सरकार खुद इनका संचालन करेगी।
इन कॉलेजों में विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों की पढ़ाई होगी। साथ ही, नए पद भी सृजित किए जाएँगे जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह फैसला नई शिक्षा नीति – 2020 को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे शिक्षा का स्तर और बेहतर हो सके।
UP Education: जुलाई से शुरू होगा शैक्षणिक सत्र
अभी तक उच्च शिक्षा निदेशालय को 40 से ज्यादा नये सरकारी कॉलेज सौंपे जा चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी इन महाविद्यालय में सभी बेसिक सुविधाओं का इंतजाम करने में लगे हुए हैं ताकि जल्द से जल्द पढ़ाई शुरू कराई जा सके। इन कॉलेजों में पढ़ने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के 1065 पदों सहित अन्य पदों पर भर्ती के लिए मंजूरी मिल गई है और उम्मीद है कि भर्ती नोटिफिकेशन जल्दी जारी हो जाएँगे।
सरकार की कोशिश है कि जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र तक सभी 71 राजकीय महाविद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो जाए। जब तक नई नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक दूसरे कॉलेजों के टीचरों को अस्थायी रूप से इन कॉलेजों में भेज कर पढ़ाई कराई जाएगी।
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UP Education: मनपसंद विषय चुनने का मिलेगा विकल्प
अब सरकार ने फैसला किया है कि नए खुलने वाले सभी 71 राजकीय महाविद्यालयों में तीनों स्ट्रीम – विज्ञान, वाणिज्य और कला की पढ़ाई कराई जाएगी। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लिया गया है ताकि छात्रों को उनके मनपसंद विषयों में पढ़ने का पूरा मौका मिल सके। अभी तक प्रदेश के ज्यादातर सरकारी कॉलजों में केवल कला संकाय (Art Stream) की पढ़ाई होती थी क्योंकि उसी के लिए संसाधन और शिक्षा को उपलब्ध होते थे।
विज्ञान और वाणिज्य जैसे विषय बहुत कम कॉलेजों में ही पढ़ाए जाते थे, ऐसे में जो छात्र साइंस या कॉमर्स पढ़ना चाहते थे उन्हें या तो निजी कॉलेजों में मोटी फीस भरनी पड़ती थी या दूसरे शहरों में जाना पड़ता था।
अब जब नए कॉलेजों में तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई शुरू होगी, तो गाँव और कस्बों के छात्रों को भी अपने घर के पास अच्छी और सस्ती शिक्षा का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई में विकल्प भी मिलेगा और आगे करियर बनाने के रास्ते भी खुलेंगे।
UP Education: बरेली को मिले 13 कॉलेज तो कौशांबी को एक
71 नए राजकीय महाविद्यालय में सबसे अधिक 13 राजकीय महाविद्यालय बरेली में खुलेंगे इसके अलावा 12 राजकीय महाविद्यालय लखनऊ में शुरू करने की योजना है। इन 71 नए राजकीय महाविद्यायों में से कुछ जिलों में कॉलेजों की संख्या इस प्रकार है:
- लखनऊ : 12 कॉलेज
- बरेली : 13 कॉलेज
- मेरठ : 10 कॉलेज
- आगरा : 9 कॉलेज
- झाँसी : 9 कॉलेज
- गोरखपुर : 4 कॉलेज
- प्रयागराज : 2 कॉलेज
- कौशांबी : 1 कॉलेज
UP Education: 75 वर्षों मे जबरदस्त बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश में सरकारी कॉलेजों की शुरुआत बहुत छोटे स्तर पर हुई थी। साल 1956 में सिर्फ 3 राजकीय महाविद्यालय थे लेकिन जैसे-जैसे पढ़ाई की जरूरत बढ़ी और लोगों में जागरूकता आई, सरकार ने भी कॉलेजों की संख्या बढ़ाई। 1965 तक यह संख्या 19 हो गई और आज के समय में प्रदेश में 169 राजकीय महाविद्यालय हैं। यानी पिछले कुछ दशकों में इसमें लगातार बढ़ोतरी हुई है।
यह सिर्फ कॉलेज की गिनती नहीं है बल्कि यह दिखाता है कि सरकार उच्च शिक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। इन कॉलेजों के बढ़ने से छात्रों को अपने जिले में ही अच्छी और सस्ती पढ़ाई का मौका मिलेगा।
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